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15 August Par Nibandh
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15 August Par Nibandh 100 Words
15 अगस्त का दिन हम सभी भारतीयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन होता है। यह एक ऐसा ऐतिहासिक दिन है, जिसे हम भारतीय कभी नहीं भूल सकते। आज के ही दिन 75 वर्ष पहले 15 अगस्त 1945 को हम भारतवासियों को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। तभी से हम 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन हम सब देशभक्ति के रंग में डूबे रहते हैं। इस दिन सभी ऐतिहासिक जगहों पर झंडा वंदन किया जाता है, एवं सरकारी दफ्तरों में विद्यालयों में विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष 2023 में हम अपना 77वां स्वतंत्र दिवस मना रहे हैं।
आजादी का अमृत महोत्सव पर निबंध
Essay on Independence Day in Hindi 200 Words
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम 15 अगस्त 2023 को हम अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। भारत को अंग्रेजों से आजाद हुए 77 वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह हमारा एक राष्ट्रीय पर्व है, जिसे सारे भारतवासी एक साथ मिलकर बनाते हैं। 200 सालों तक अंग्रेजों के गुलाम रहने के बाद 15 अगस्त 1947 को हमें अंग्रेजों से आजादी मिली थी इसीलिए यह दिन हमारे हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिन हमारी आजादी का प्रतीक बनता है। आजादी के पर्व पर सभी लोग एक दूजे को मिठाई खिलाते हैं। इस दिन सभी ऐतिहासिक स्थलों, शहरों में एवं गांव में लोगों द्वारा झंडा वंदन किया जाता है।
सरकारी दफ्तरों में विश्वविद्यालयों में आजादी से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सारे भारतवासी इस जश्न को बड़ी धूम-धाम के साथ मनाते हैं। इसके अलावा भारत की सेना भी दिल्ली के राजपथ पर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में परेड निकालती है। इस दिन हमारे प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर झंडा फहराया जाता है, एवं शहीद स्मारक पर जाकर आजादी के लिए शहीद हुए सभी क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि भी दी जाती है। हमारे भारत को आजाद कराने के लिए लाखों क्रांतिकारियों ने अपनी जान की आहुति दी है। हमें हमेशा इसका सम्मान करना चाहिए।
Independence Day Essay in Hindi 300 Words
प्रस्तावना
15 अगस्त के दिन भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। यह स्वतंत्रता हमें हमारे क्रांतिकारियों की दी गई भेंट है। अंग्रेजी शासन द्वारा 200 सालों तक भारत देश पर राज किया गया था, अंग्रेजी शासन के दौरान भारत देश में रहने वाले नागरिकों का बेहद शोषण किया गया था। अंग्रेजों द्वारा भारत की संस्कृति को अर्थव्यवस्था को काफी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया था। तब हमारे को स्वतंत्र सेनानियों ने अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ी और हमें एक स्वतंत्र देश उपहार में दिया। स्वतंत्र सेनानियों द्वारा किए गए संघर्ष के कारण ही भारत एक आजाद देश बना।
स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाते हैं
स्वतंत्रता दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जिसे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूल कॉलेज एवं सभी सरकारी दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे कि नृत्य भाषण सांस्कृतिक नृत्य आदि आयोजित किए जाते हैं। बच्चे बड़े उत्साह के साथ इन कार्यक्रम में भाग लेकर देश के प्रति अपनी श्रद्धा को दर्शाते हैं। इस दिन भारत के हर छोटे शहर गांव जिले कस्बे में चौराहों पर झंडा वंदन किया जाता है। सभी सरकारी दफ्तरों में एवं विद्यालयों में मिठाई बांटी जाती है। दिल्ली में हमारे सैनिकों द्वारा एवं एनसीसी कैडेट द्वारा परेड आयोजित की जाती है जिसमें वह अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हैं।
उपसंहार
15 अगस्त 1947 का दिन हमारे देश के इतिहास का एक अविस्मरणीय दिन है। इस दिन हम सभी देशवासी बड़े हर्षोल्लास के साथ आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन इस आजादी को प्राप्त करना इतना आसान नहीं था। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस आजादी की काफी बड़ी कीमत चुकाई है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए कठोर संघर्ष के फल स्वरुप भारत को आजादी मिली है अब हम सभी भारत वासियों को अपने देश के विकास में अपना योगदान देना है। आजादी की लड़ाई में लड़ने वाले सभी वीर सैनिकों को एवं क्रांतिकारियों को हम शत-शत नमन करते हैं।
Swatantrata Diwas Par Nibandh 500 Words
प्रस्तावना
आने वाले 15 अगस्त 2023 को हम सभी 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने वाले हैं। आज से ठीक 77 वर्ष पहले 15 अगस्त के दिन हमारा देश अंग्रेजों से आजाद होकर एक स्वतंत्र देश बना था। भारत के आजाद होने की खुशी में इस ऐतिहासिक दिन को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा। 15 अगस्त हमारे भारतीय इतिहास की वह तारीख है, जिस दिन हमारे देश के कई क्रांतिकारियों और सैनिकों की मेहनत रंग लाई थी। हमारे क्रांतिकारी द्वारा किए गए सभी आंदोलन एवं विद्रोह का फल हमें 15 अगस्त 1947 के दिन मिला था।
स्वतंत्रता दिवस का महत्व
15 अगस्त का दिन सभी लोगों में देशभक्ति की भावना को बढ़ाता है। इस दिन हम सभी लोग अलग-अलग जाति समुदाय के लोग ना होकर भारतीय के रूप में एक साथ इकट्ठा होते हैं। हम एक ऐसे राष्ट्र का परिचय देते हैं जहां अलग-अलग जाति धर्म और संस्कृति के लोग रहते हैं लेकिन वह मिलकर एक श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण करते हैं। इस दिन हम अपने राष्ट्रीय तिरंगे को फहराते हैं। हमारा तिरंगा तीन रंगों से बना होता है केसरिया, सफेद और हरा। यह तिरंगा हमारे क्रांतिकारियों की देन है। भारत देश के नागरिक एक साथ तिरंगा फैलाकर अनेकता में एकता का परिचय देते हैं।
स्वतंत्रता दिवस के 77 साल
अब हमारे भारत देश को आजाद हुए 77 साल पूरे हो चुके हैं और हम भारतीय पिछले 77 सालों से लगातार आजादी का अमृत महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। आजादी के इस अमृत महोत्सव के दिन हम सभी अपने स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत को याद करते हैं। अपने क्रांतिकारियों द्वारा दिए गए बलिदान के लिए उनको नमन करते हैं। 200 सालों तक अंग्रेजों ने भारत का खूब शोषण किया लेकिन आजादी के इन 77 वर्षों में भारत ने खुद को एक सक्षम राष्ट्र बनाया है। आज भारत एक ऐसा राष्ट्र बन चुका है, जहां अलग-अलग जाति, धर्म, समुदाय और संस्कृति के लोग एक साथ रहकर भारत को एक भारत श्रेष्ठ भारत बना रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम
15 दिवस जाने की स्वतंत्रता दिवस पर कई सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन सभी कार्यक्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य संगीत नाटक भाषण इत्यादि शामिल है। इस दिन दिल्ली में हमारे प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते है इसी के साथ हमारी तीनों भारतीय सेनाओं द्वारा अपने अपने अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया जाता है। भारत के सैनिकों द्वारा भी अपनी वीरता का परिचय दिया जाता है। उनके द्वारा कई सारे करतब किए जाते हैं। इस दिन सभी लोगों को देश की आजादी में भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारियों के बारे में बताया जाता है। देश के प्रमुख क्रांतिकारियों में मंगल पांडे ,रानी लक्ष्मीबाई ,राजा राममोहन राय,।दयानंद सरस्वती, खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह इत्यादि शामिल थे।
निष्कर्ष
15 अगस्त का दिन हम सभी भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन को हम कभी नहीं भूल सकते जब जब भारत के इतिहास के बारे में बात की जाएगी तो इस दिन का जिक्र भी किया जाएगा। यह दिन हमारे क्रांतिकारियों की कुर्बानियों की गवाही देता है। यह दिन इतना महत्वपूर्ण इसलिए है, क्योंकि 200 सालों की गुलामी के बाद और लगभग 100 वर्षों तक आजादी के संघर्ष के बाद इसी दिन हम लोगों को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। इसलिए अब हम सभी भारतीयों को अपने देश की रक्षा का संकल्प करना होगा। हम सभी लोगों को अपनी देश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना होगा।
Swatantrata Diwas Nibandh 1000 Words
प्रस्तावना
हमारा भारत देश 200 सालों तक अंग्रेजों के अधीन रहा और सभी भारत वासियों ने उनकी सारी मनमानियां सही इसके बाद अचानक एक दिन हमारे देश में आजादी की एक लहर आई। आजादी की इस लहर ने भारत देश का इतिहास ही बदल कर रख दिया हमारे कुछ महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजो के खिलाफ आजादी की लड़ाई छेड़ दी। आजादी की लड़ाई में भारत के सभी देशवासियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ निछावर कर दिया। उनकी यह मेहनत 15 अगस्त 1947 के दिन रंग लाई जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ। तभी से हम भारतवासी इस दिन को एक पर्व की तरह मनाते हैं। आज ही के दिन हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने देश का झंडा फहराया था और अंग्रेजों की कैद से मुक्त होने का संकेत दिया था। आजादी के लिए किया गया संघर्ष हमारे इतिहास इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है।
भारतीय स्वतंत्रता दिवस का इतिहास
अंग्रेजों द्वारा भारत देश पर 200 साल राज किया गया था अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान सन 1857 में पहली बार मंगल पांडे ने अंग्रेजों का विरोध कर आजादी की लड़ाई शुरू की। मंगल पांडे द्वारा शुरू की गई इस लड़ाई में कई अन्य स्वतंत्र सेनानी जैसे की रानी लक्ष्मीबाई तात्या टोपे बेगम हजरत महल इन सभी ने भी भाग लिया। लेकिन यह आजादी की लड़ाई सफल रही। कुछ वर्षों बाद दोबारा हमारे हमारे कुछ प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजो के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू किया। अंग्रेजो के खिलाफ इस लड़ाई में महात्मा गांधी लाला लाजपत राय बाल गंगाधर तिलक सुभाष चंद्र बोस चंद्रशेखर आजाद जवाहरलाल नेहरू जैसे व्यक्ति शामिल थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन और क्रांति कर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर विवश कर दिया। सन 1947 15 अगस्त के दिन भारत एक स्वतंत्र देश घोषित हुआ और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी रंग लाई।
भारत में अंग्रेजों का भारत आगमन
आज से लगभग 400 वर्ष पहले यानी कि सन 1600 में भारत अंग्रेज आए थे। अंग्रेजों का भारत आने का उद्देश्य सिर्फ व्यापार करना था धीरे-धीरे उन्होंने भारतीय राजाओं के राज सिंहासन पर कब्जा कर धीरे-धीरे पूरे देश पर कब्जा कर लिया। इसके बाद अंग्रेजों ने भारत में रहने वाले लोगों की मजबूरी और गरीबी का फायदा उठाकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। भारत के लोगों को गुलाम बनाकर रखा उन पर तरह-तरह के अत्याचार किए गए। भारत के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोगों के बीच फूट डालकर सारे देश पर राज करते गए। अंग्रेजों द्वारा भारत की संस्कृति को भी काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। उन्होंने भारत के देशवासियों की धार्मिक आस्था को भंग करने के लिए कई प्राचीन मंदिरों को नष्ट कर दिया। लेकिन फिर एक दिन ऐसा भी आया कि स्वतंत्रता की लड़ाई शुरू हो गई और कुछ ही सालों में अंग्रेजों का राज्य भारत से खत्म हो गया।
अंग्रेजो के खिलाफ भारतीयों का गुस्सा
भारत पर कब्जा करने के बाद अंग्रेजों द्वारा भारतीयों पर तरह तरह के अत्याचार किए जा रहे थे जैसे कि मनमाना कर्ज वसूलना किसानों के अनाजों पर कब्जा करना मजदूरों पर अत्याचार करना, जो व्यक्ति अंग्रेजों की गुलामी ना करें उसे गोलियों से भून देना इत्यादि। अंग्रेजों के प्रति भारतीयों का रवैया भी धीरे-धीरे कठोर होने लगा। 1857 में पहली बार मंगल पांडे ने अंग्रेजी हुकूमत का विद्रोह किया और दो अंग्रेजी सैनिकों को मार स्वतंत्रता की लड़ाई छेड़ दी। धीरे-धीरे स्वतंत्रता की यह आग सारे देश में फैलने लगी और सभी देशवासियों द्वारा अंग्रेजों के साथ हिंसक कार्यवाही की जाने लगी। भारत वासियों के मन में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रोध बढ़ता देख अंग्रेज डर गए उन्होंने इस आजादी की लड़ाई को खत्म करने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन वे सफल नहीं हुए। एक दिन ऐसा भी आया जिस दिन सभी भारतवासियों की मेहनत रंग लाई।
स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपुर्ण योगदान
अंग्रेजी शासन से भारत को आजाद कराने के लिए कई स्वतंत्र सेनानियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है। भारत पर 200 वर्ष से शासन कर रहे अंग्रेजी शासन के खिलाफ महात्मा गांधी जी ने अहिंसा और सत्य का रास्ता अपनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने सत्य और अहिंसा को अपना हथियार बनाकर भारत के अन्य लोगों को प्रेरित किया कि वह अंग्रेजो के खिलाफ हिंसा नहीं करेंगे। देश के लोगों ने भी उनका भरपूर सहयोग किया लेकिन कुछ स्वतंत्रा सेनानी ऐसे थे जैसे कि सुभाष चंद्र बोस, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद जिन्होंने हिंसा का रास्ता अपनाकर अंग्रेजों को सबक सिखाया। भारत को आजाद कराने में इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने अहम भूमिका निभाई है। इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने एक साथ मिलकर सारे देश के युवाओं को स्वतंत्रता की लड़ाई में लड़ने के लिए प्रेरित किया।
आजादी का जश्न
हमारे स्वतंत्र सेनानियों के अथक प्रयासों और कुर्बानियों के बाद 15 अगस्त 1947 को हम अंग्रेजी शासन से आजाद हुए। इसी दिन हमने 200 साल पुरानी गुलामी की जंजीर तोड़कर खुद को आजाद किया। तभी से भारत के इतिहास में इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत देश के इतिहास में सबसे पहला स्वतंत्रता दिवस काफी अलग तरीके से मनाया गया था स्वतंत्रता दिवस के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर झंडा फहराया था इसी के साथ उन्होंने भारत से अलग हो चुके कई राज्यों को एक साथ जोड़ कर अखंड भारत की निर्माण किया था। स्वतंत्रता का यह पर्व देश के कोने कोने में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया था सभी सरकारी निजी संस्थाओं पर जश्न की एक अलग ही रौनक दिखाई दे रही थी। देश के कोने-कोने में सभी लोग देश भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे थे।
निष्कर्ष
15 अगस्त के दिन आजादी का जश्न हम हर साल मनाते हैं। आजादी का जश्न हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक होता है और हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी को याद दिलाता है। अब हम सभी लोगों को अपनी आने वाली पीढ़ी को अपने इतिहास के बारे में बताना होगा उन्हें भारत की स्वतंत्रता के लिए शहीद होने वाले सभी क्रांतिकारियों के बारे में बताना होगा ताकि वह उन्हें सम्मान दे सके और अपनी आजादी का महत्व समझ सके। आजादी के इस दिन हम सभी भारतवासी एक दूजे को मिठाई खिलाकर आजादी की बधाई देते हैं। खुद को जात-पात, धर्म के नाम पर ना बांट कर एक भारतवासी होने के नाते एक साथ झंडा वंदन करते हैं। इस दिन हम अपने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। हम यही कामना करेंगे, की भारत देश हमेशा इसी तरह स्वतंत्र और सक्षम देश बना रहे।
Swatantrata Diwas Par Nibandh
हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस “15 August Par Nibandh” जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह Swatantrata Diwas Par Nibandh अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह 15 August Par Nibandh कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay या Speech कौन से टॉपिक पर चाहिए. इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.
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