Constitution Day Essay in Hindi: संविधान दिवस पर निबंध

क्या आपको भी Constitution Day Essay in Hindi की तलाश है, तो एक बार इस आर्टिकल को जरूर पढ़िए। जिसमें हम स्कूली छात्रों और बच्चों के लिए Essay On Constitution Day In Hindi (संविधान दिवस पर भाषण) लेकर आए हैं। इस आर्टिकल में हम बहुत ही सरल भाषा में लिखा गया Constitution Essay in Hindi, संविधान दिवस पर हिंदी में भाषण बता रहे हैं।

Constitution Day Essay In Hindi (संविधान दिवस पर निबंध)

इस आर्टिकल में हम Constitution Day Essay In Hindi (संविधान दिवस पर भाषण) Best Essay on Constitution In Hindi, Short Essay on Constitution लेकर आए हैं। यह Best Short Essay on Constitution In Hindi 4, 5, 6, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए या उनके किसी प्रोजेक्ट के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता हैं। यदि आपको अपने स्कूल में निबंध लिखने या स्पीच प्रतियोगिता के लिए संविधान दिवस पर भाषण का टॉपिक मिला है, तो यह आर्टिकल आप ही के लिए है। चलिए शुरू करते हैं.

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Constitution Day Essay in Hindi 200 Words 

भारत में हर साल 26 नवंबर के दिन संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान देश की उन्नति में काफी भूमिका निभाता है, जिस देश का संविधान जीतना बेहतर होता है, वह देश उतना ही तरक्की करता है। विश्व में मौजूद सभी देशों के अपने-अपने संविधान हैं जिनका वे सख्ती से पालन कर रहे हैं। संविधान को बनाने का उद्देश्य राष्ट्र को चलाने के लिए एक ऐसा रास्ता प्रदान करना है, जहां राष्ट्र में रहने वाले सभी नागरिकों को एक समान अधिकार, एक समान सुरक्षा और एक समान कर्तव्य प्राप्त हों। भारत में हर वर्ष 26 नवंबर को भारतीय संविधान दिवस मनाया जाता है। भारतीय संविधान दिवस मनाने की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2015 में की गई थी।

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26 नवंबर को ही भारतीय स्वतंत्रता दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 26 नवंबर 1950 के दिन डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता के अंतर्गत भारतीय संविधान राष्ट्र को समर्पित किया गया और 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया। भारत का संविधान बनाने में भीमराव अंबेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस संविधान को लिखने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। संविधान दिवस पूरे भारत में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है, इस दिन स्कूल-कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देश के सभी लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाती है, और भीमराव अंबेडकर की विचारधाराओं के बारे में बताया जाता है। भीमराव अंबेडकर ने भारत का संविधान बनाया था इसलिए इस दिन उन्हें श्रद्धांजलि भी दी जाती है।

Constitution Day Essay in Hindi
Constitution Day Essay in Hindi

Essay on Constitution Day in Hindi 300 Words 

भारत में हर साल 26 नवंबर के दिन भारतीय संविधान दिवस मनाया जाता है, भारत के संविधान का पिता भीमराव अंबेडकर को कहा जाता है, क्योंकि भीमराव अंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा था। संविधान भारत देश का सर्वोच्च कानून है। यह एक लिखित दस्तावेज है, जिसके भीतर देश के राजनीतिक संगठनों के लिए नियम और देश के नागरिकों के लिए कुछ अधिकार शामिल किए गए हैं। आज हमारा देश जिस कार्य प्रणाली पर चल रहा है, वह भी संविधान के अंतर्गत बताई गई है।

भारत के संविधान में लिखित सभी चीजों को मनाना हर भारतीय का कर्तव्य है। जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हुआ था, तो हमारे देश के पास अपना स्वयं का कोई कानून नहीं था। ऐसे में देश को चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता थी तब देश के वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर संविधान समिति बनाई, जिसका अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर को नियुक्त किया गया।

भीमराव अंबेडकर एवं समस्त संविधान समिति के लोगों ने मिलकर 2 साल 11 महीने 18 दिन में भारत का एक नया संविधान तैयार किया और उसे 26 नवंबर 1949 को पहली बार पेश किया। संविधान समिति द्वारा पेश किए गए संविधान में राजनीतिक दलों के लिए नियम एवं देश की जनता के कई तरह के अधिकार शामिल थे। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था तभी से भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान को भारतीय संविधान के रूप में अपना लिया गया। संविधान की महत्वता देखकर 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 26 नवंबर को भारतीय संविधान दिवस के रूप में घोषित किया।

वर्ष 2015 से हर साल 26 नवंबर के दिन भारतीय संविधान दिवस मनाया जाता है, इस दिन देश के लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूल एवं कॉलेज में बच्चों द्वारा संविधान को पढ़कर लोगों को बताया जाता है एवं संविधान का पालन करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाता है। देश के सभी लोगों को भीमराव अंबेडकर और उनके विचारधारा के बारे में बताया जाता है ,तथा इस दिन प्रधानमंत्री भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि भी देते हैं।

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प्रस्तावना

भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इस संविधान में राष्ट्र के मौलिक सिद्धांत और कानून शामिल किए गए हैं, जो देश की सरकार को उनके कर्तव्य और शक्तियों से अवगत कराता है। संविधान में देश के नागरिकों को भी उनके अधिकारों से अवगत कराया गया है। देश के हर नागरिक का यह कर्तव्य बनता है, कि वे उन्हें संविधान का पालन करना चाहिए। हमारे देश के कुछ बड़े बुद्धिजीवियों ने देश का संविधान बनकर विविधता में एकता का प्रमाण दिया है। भारत एक बड़ा देश है,यहां पर अलग-अलग जाति धर्म और पंथ के लोग मौजूद हैं, ऐसे में सभी लोगों को एक संविधान के प्रति समर्पित रखना कठिन कार्य है।

भारतीय संविधान का इतिहास

भारत देश लगभग 200 वर्ष तक अंग्रेजों का गुलाम रहा। गुलामी के दौरान अंग्रेजों ने अपने  अनुसार कानून बनाकर भारतीयों पर राज किया गया। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए संविधान का पालन सभी भारतीय लोगों को मजबूरी में करना पड़ता था, लेकिन जब भारत में स्वतंत्रता की क्रांति हुई और भारत स्वतंत्र हुआ तब अंग्रेज को भारत से चले गए लेकिन हमारे लिए अपना संविधान छोड़ गए। अंग्रेजों द्वारा छोड़े गए संविधान को स्वीकार करना दोबारा बेड़ियों में जकड़े जाने के समान था। इसलिए भारत के कुछ वरिष्ठ नेताओं और क्रांतिकारियों ने मिलकर भारत का नया संविधान बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा के अन्य लोगों के साथ मिलकर भारत का संविधान तैयार किया। भारत के संविधान को तैयार करने में लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा और इसे 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया।

राष्ट्रीय संविधान दिवस की घोषणा

26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई थी। 11 अक्टूबर 2015 को मुंबई के इंदु मिल्स कंपाउंड में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह घोषणा की थी, 29 नवंबर को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया जाएगा। 19 नवंबर 2015 को भारत सरकार द्वारा एक राजपत्र जारी करके 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस घोषित किया गया था। क्योंकि बाबा साहब संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे उन्होंने भारत का संविधान लिखने में अहम भूमिका निभाई थी इसलिए संविधान का सारा श्रेय उन्हें दिया जाता है।

राष्ट्रीय संविधान दिवस पर समारोह

वर्ष 2015 में भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई गई थी इसलिए भारत सरकार द्वारा इस जयंती को बड़ी धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। इस उद्देश्य के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक विशेष समिति का गठन किया, जिसमें विभिन्न मंत्रालय और विभागों के अधिकारियों को बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को फैलाने का भार सौंपा गया। 26 नवंबर के दिन बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए कई सारे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे। इस दिन संसद में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य केवल भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देना था। विदेश मंत्रालय द्वारा भी सभी भारतीय प्रवासियों को स्कूलों में 26 नवंबर को राष्ट्र संविधान दिवस मनाने का निर्देश दिया गया था। इस दिन “रन फॉर इक्वलिटी” नाम से एक दौड़ भी आयोजित की गई थी।

निष्कर्ष

संविधान दिवस हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। संविधान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश के लोगों को देश के संविधान के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने कर्तव्यों से अवगत कराना है। भारत के संविधान में हर धर्म जाति और पंथ के लोगों के लिए कुछ अधिकार और कर्तव्य शामिल किए गए हैं, जिनका पालन हर देशवासी को पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए। आज हमारा देश जिस तरक्की की राह पर चल रहा है, वह सब संविधान की देन है। संविधान में हर व्यक्ति को सामान अधिकार प्रदान किया गया है इसलिए भारत मे हर जाति, धर्म के लोग एक समान है। भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार किया गया। यह संविधान भारतीय लोगों के लिए एक अमूल्य धरोहर है। अब हम सभी देशवासियों का यह कर्तव्य बनता है, कि हमें अपने देश के संविधान का पालन करना चाहिए और अपने कर्तव्यों को पूरा करना चाहिए।

तो हमारे नन्हें पाठकों और मित्रों! यह था हमारा Constitution Day Essay in Hindi (संविधान दिवस पर निबंध) आप इस निबंध को लेकर क्या सोचते हैं, और यह निबंध आपको कैसा लगा, इसके बारे में हमें कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिख भेजिए। ऐसे ही निबंध, स्पीच और एप्लीकेशन पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट के साथ बने रहिए।

FAQs related to Constitution Day Essay in Hindi

भारत के संविधान में कितने अनुच्छेद हैं

भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं। 

भारत का संविधान कितने दिनों में बनकर तैयार हुआ था?

भारत का संविधान 2 साल 11 महीने और 18 दिनों में बनकर तैयार हुआ था।

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