Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi

क्या आप भी “Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi” की तलाश कर रहे हैं? यदि हां, तो आप इंटरनेट की दुनिया की सबसे बेस्ट वेबसाइट essayduniya.com पर टपके हो. यदि आप Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi, Speech on Dr Sarvepalli Radhakrishnan in Hindi यही सब सर्च कर रहे हैं तो आपका इंतजार यही पूरा होता है.

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi

यहां हम आपको “Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi” उपलब्ध करा रहे हैं. इस निबंध/ स्पीच को अपने स्कूल या कॉलेज के लिए या अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपको किसी प्रतियोगिता के लिए भी Speech on Dr Sarvepalli Radhakrishnan in Hindi तैयार करना है तो आपको यह आर्टिकल पूरा बिल्कुल ध्यान से पढ़ना चाहिए. 

Speech on Dr. Sarvepalli Radhakrishnan (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Short Speech)

सबसे पहले मैं यहां उपस्थित सभी माननीय अतिथिगण, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों का अभिवादन करती हूं। आज हम सभी यहां शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। आज के दिन डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म हुआ था। राधाकृष्णन जी एक महान व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। वे एक व्यापक दृष्टिकोण रखने वाले, नियमों एवं सिद्धांतों को मानने वाले व्यक्ति थे।

Whatsapp Group Join
Telegram channel Join

जिसके कारण उन्हें स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। राधाकृष्ण जी एक प्रख्यात शिक्षक भी थे और वह देश में शिक्षकों की भूमिका को भली-भांति समझते थे। इसलिए ही उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के कारण ही आज संपूर्ण देश में हर साल 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर मैं सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपनी स्पीच को विराम देती हूं।

शिक्षक दिवस भाषण हिंदी में

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर निबंध

Teacher’s Day Essay in English

Teacher’s Day Speech in English

शिक्षक पर 10 लाइन निबंध

10 Lines on Teacher’s Day in English

शिक्षक दिवस पर निबंध

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Essay

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Short Speech 

आज के इस शिक्षक दिवस समारोह में, मैं सभी अतिथिगणों, शिक्षकों, प्रधानाचार्य का स्वागत करती हूं। आज के दिन हमारे देश के महान विभूति डॉ श्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म हुआ था। राधाकृष्णन जी एक महान व्यक्तित्व के धनी और सिद्धांतों वाले इंसान थे। वे एक प्रसिद्ध शिक्षक थे। उनकी बुद्धिमता और व्यक्तित्व के कारण उन्हें स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 के दिन हुआ था। 

वे एक प्रसिद्ध शिक्षक और लेखक थे। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद राधाकृष्ण जी ने कई वर्षों तक मैसूर विश्वविद्यालय से लेकर कोलकाता विश्वविद्यालय के साथ विभिन्न कॉलेजों में पढ़ाया। राधाकृष्णन जी को साल 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने एक शिक्षक राजनेता और समाज सेवक के रूप में बहुत बड़ा योगदान दिया है। अपने राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान भी राधाकृष्ण जी विनम्र बने रहे। वे अपने वेतन का बहुत बड़ा हिस्सा  राष्ट्रपति राहत कोष में जमा कर दिया करते थे ताकि वह देश की उन्नति में लगाया जा सके। भारत को आज राधा कृष्ण जी जैसे राजनेता ही आवश्यकता की है, जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत की तरक्की को सुनिश्चित कर सके। इन्हीं शब्दों के साथ अब अपनी स्पीच को विराम देती हूं। आप सभी का धन्यवाद!

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi
Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi (2-minute Speech on Sarvepalli Radhakrishnan)

यहां उपस्थित सभी अतिथिगणों, प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं साथियों को मेरा नमस्कार। आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी इस सभागृह में उपस्थित हुए हैं। आज का दिन बहुत खास है, क्योंकि आज शिक्षक दिवस होने के साथ-साथ महान दार्शनिक, शिक्षाविद और राजनेता डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती भी है। जिनके जन्मदिन को ही आज टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर 1888 को आंध्रप्रदेश में हुआ था। राधाकृष्णन जी अपने व्यक्तित्व एवं विद्वता के लिए जाने जाते थे एक बार की बात है, डॉक्टर सर्वपल्ली जी इंग्लैंड में भारतीय दर्शन के संबंध में व्याख्यान देने पहुंचे। जहां पर बड़ी तादाद में लोग उन्हें सुनने के लिए आए थे।

व्याख्यान के दौरान जब एक अंग्रेज व्यक्ति ने राधाकृष्ण जी से पूछा की क्या हिंदू नाम का कोई समाज है? कोई संस्कृति है? तुम कितने बिखरे हुए हो, तुम्हारे एक जैसा कोई रंग नहीं है, कोई गोरा है, तो कोई काला है, कोई धोती पहनाता है, तो कोई लूंगी, कोई कुर्ता पहना है, तो कोई कमीज। देखो हम सभी अंग्रेज एक जैसे हैं, एक ही रंग के हैं और एक जैसा पहनावा पहनते हैं। यह सुनकर डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने इसके जवाब में कहा था कि घोड़े तो अलग-अलग रंग और रूप के होते हैं लेकिन गधे सभी के सभी एक जैसे ही होते हैं।

सर्वपल्ली जी बड़े कुशाग्र बुद्धि महान व्यक्तित्व के धनी थे। एक बार सर्वपल्ली जी के कुछ छात्रों एवं मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने का आग्रह किया तब सर्वपल्ली जी ने कहा कि इस दिन को मेरे व्यक्तिगत जन्मदिन के रूप में ना बनाकर अगर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे बहुत गर्व महसूस होगा उसे दिन से लेकर आज तक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिससे न केवल डॉक्टर राधाकृष्णन जी को याद किया जाता है, बल्कि देश के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आदर व्यक्त किया जाता है। इन्हीं शब्दों के साथ अब अपनी स्पीच को विराम देती हूं, एक बार फिर से आप सभी को शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 

धन्यवाद!

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi (3-minute Speech on Sarvepalli Radhakrishnan)

माननीय अतिथिगण, मुख्याध्यापक, आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय साथियों को मेरा नमस्कार! आज डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन है, जो कि भारत के एक महान शिक्षक थे। सर्वपल्ली जी के जन्मदिन के अवसर पर ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वे स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति एवं दूसरे राष्ट्रपति रह चुके हैं। राधाकृष्णन जी ने अपने जीवन के लगभग 40 साल अध्यापन क्षेत्र में दिए थे। डॉ सर्वपल्ली जी ने राजनेता और शिक्षक के रूप में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राधाकृष्णन जी ने जब अपनी शिक्षा पूरी की तो उनके पिताजी उन्हें आगे पढ़ने के बजाय मंदिर का पुजारी बनाना चाहते थे लेकिन सर्वपल्ली जी आगे पढ़ना चाहते थे। इसलिए उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से एक छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की और उसकी मदद से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

साल 1906 में सर्वपल्ली जी ने प्रथम श्रेणी के साथ बी.ए पास की। राधाकृष्ण जी विज्ञान विषय से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते थे लेकिन जब उन्हें अपने चचेरे भाई से दर्शनशास्त्र विषय की पाठ्य पुस्तक प्राप्त हुई तो उन्होंने दर्शनशास्त्र से अपना एम.ए पूरा किया। सर्वपल्ली जी ने कोलकाता में रविंद्र नाथ टैगोर जी के साथ भी कुछ समय व्यतीत किया था। वे नोबेल पुरस्कार विजेता टैगोर जी के संग से बहुत प्रभावित हुए थे और उन्होंने इसी दौरान अपनी पहली पुस्तक लिखने का फैसला किया। उन्होंने मैनचेस्टर कॉलेज एवं शिकागो में हॉस्टल में भी व्याख्यान दिया था इसके साथ ही उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्वी धर्म के स्पैल्डिंग प्रोफेसर के तौर पर भी कार्य किया था। सन 1962 में डॉक्टर राधाकृष्णन सर्वपल्ली जी को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।

अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान जब सर्वपल्ली जी के पास कुछ छात्रों ने आकर उनके जन्मदिन मनाने का अनुरोध किया तो उन्होंने अपने जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाए जाने कब प्रस्ताव दिया था। जिसके बाद से आज तक हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। सर्वपल्ली जी के कार्यों के कारण उनका नाम लगातार पांच वर्षों तक साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था लेकिन उन्हें कभी भी नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया साल 1956 में राधा कृष्ण जी ने भारत रत्न सहित कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं किताब जीते थे। शिक्षा के क्षेत्र में राधा कृष्ण जी का योगदान देखते हुए सन 1931 में जॉर्ज पंचम ने उनकी सेवाओं के चलते उन्हें नाइट की उपाधि से सम्मानित किया था। राधाकृष्णन जी ने सर की उपाधि का उपयोग करना बंद कर दिया था एवं भारत के स्वतंत्रता के बाद उन्होंने अपने नाम के आगे अकादमी का शीर्षक डॉक्टर का उपयोग करना चुना था।

सन 1975 में राधा कृष्ण जी ने टेंपलटन पुरस्कार जीता था और इसकी पूरी राशि उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को दान कर दी थी। जिसे देखते हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ‘राधाकृष्णन शेवनिंग स्कॉलरशिप’ नाम की एक छात्रवृत्ति की स्थापना भी की है। भारत का राष्ट्रपति बनने के बाद भी राधा कृष्ण जी ने अपने वेतन में से केवल बहुत थोड़े  रुपए ही स्वीकार करते थे, और शेष बची राशि को हर महीने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दान कर दिया करते थे। राधाकृष्णन जी जैसे राजनेता और महान व्यक्तित्व के धनी शख्सियत के कारण ही 200 साल की गुलामी के बाद भी भारत इतनी तरक्की कर पाया है। राधाकृष्णन जी के योगदान एवं सेवाओं के लिए भारत उन्हें हमेशा याद रखेगा। बस इन्हीं शब्दों के साथ अपनी स्पीच को विराम देना चाहूंगा। धन्यवाद!

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi

हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस “Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi” जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह Essay on Teacher’s Day in Hindi अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह Dr Sarvepalli Radhakrishnan Speech in Hindi कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay या Speech कौन से टॉपिक पर चाहिए. इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.

शिक्षक दिवस भाषण हिंदी में

Teacher’s Day Essay in English

Teacher’s Day Speech in English

शिक्षक पर 10 लाइन निबंध

10 Lines on Teacher’s Day in English

शिक्षक दिवस पर निबंध

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Essay

Join WhatsApp Group CLICK HERE
ESSAYDUNIYA HOME CLICK HERE

Leave a Comment