Telephone Ki Atmakatha in Hindi

क्या आप भी “Telephone Ki Atmakatha in Hindi” की तलाश कर रहे हैं? यदि हां, तो आप इंटरनेट की दुनिया की सबसे बेस्ट वेबसाइट essayduniya.com पर टपके हो. यदि आप Telephone Ki Atmakatha, Telephone Ki Atmakatha Nibhandh hindi, Telephone Ki Atmakatha Essay in Hindi, Telephone Ki Atmakatha in hindi यही सब सर्च कर रहे हैं तो आपका इंतजार यही पूरा होता है.

Telephone Ki Atmakatha in Hindi

यहां हम आपको “Telephone Ki Atmakatha in hindi” उपलब्ध करा रहे हैं. इस निबंध/ स्पीच को अपने स्कूल या कॉलेज के लिए या अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपको किसी प्रतियोगिता के लिए भी Telephone ki atmakatha तैयार करना है तो आपको यह आर्टिकल पूरा बिल्कुल ध्यान से पढ़ना चाहिए.

Telephone ki Atmakatha in Hindi (300 words)

मेरा नाम टेलीफोन है। मेरा जन्म लोगों की बात को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए हुआ है। सरल भाषा में कहा जाए तो मेरा जन्म लोगों को आपस में बात करवाने के लिए हुआ है। मेरा जन्म वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है,और उन्होंने मुझे इस प्रकार से बनाया है।जिससे हर व्यक्ति मेरा उपयोग करके एक स्थान से दूसरे स्थान तक अपनी बात पहुंचा सकता है। पहले तो मैं बहुत बड़ा हुआ करता था। मेरे 2 भाग होते हैं एक रिसीवर और एक स्पीकर। पहले मैं आकार में बहुत बड़ा हुआ करता था, और मेरा रंग काला हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे जैसे जैसे विज्ञान विकसित होता गया मेरा आकार छोटा और मैं कई रंग बिरंगे रंगों में आने लगा। पहले मैं केवल बिजली की तारों पर चलता था। लेकिन अब मैं बिना तारों के भी इस्तेमाल किया जाता हूं। पहले मुझ में सिर्फ लोगों को एक दूसरे से बात करवाने की खूबी थी।

Telephone ki atmakatha in hindi
Telephone ki atmakatha in hindi

लेकिन समय के साथ साथ में काफी बदल चुका हूं। अब इस मॉडर्न जमाने में लोग मुझे मोबाइल के नाम से जानते हैं। अब मेरा आकार इतना छोटा हो चुका है,कि मैं हर इंसान की शर्ट की छोटी सी जेब में आ जाता हूं, और छोटा होने के बावजूद भी मुझ में कई सारी खूबियां है। व्यक्ति चाहे तो मुझ में गेम खेल सकता है, गाने सुन सकता है,अब मुझ में कैमरा उपलब्ध है तो वह फोटो खींच सकता है इसके अलावा वीडियो कॉल जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल भी कर सकता है। पहले मैं एक समय पर एक ही व्यक्ति से बात करवा सकता था। लेकिन अब एक ही समय पर 10 व्यक्ति आपस में बात कर सकते हैं। आजकल इंसानों के जीवन में मेरा महत्व काफी बढ़ चुका है, और हर जगह इंसान मुझे इस्तेमाल करते हैं। बस दोस्तों यही मेरी आत्मकथा है मैं तो बस यही चाहता हूं कि मैं हर इंसान के काम आए और उनका काम आसान बनाऊं।

पुस्तक की आत्मकथा

वृक्षारोपण पर निबंध 

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

समाचार पत्र पर निबंध

सड़क सुरक्षा पर निबंध

Telephone ki Atmakatha Essay in Hindi (500 words)

हेलो दोस्तों मेरा नाम टेलीफोन है। नाम सुनकर आप मुझे पहचान ही गए होंगे कि मैं क्या हूं? और किस काम आता हूं? अंग्रेजी में मुझे टेलीफोन के नाम से और हिंदी में दूरभाषा के नाम से जाना जाता है। आज के समय में ऐसा कौन इंसान होगा जो मुझे नहीं जानता होगा। आजकल में सभी इंसानों की पहली पसंद और पहली जरूरत बन चुका हूं। मेरे इस्तेमाल से दूर बैठे दो व्यक्ति आपस में बात कर पाते हैं। मेरे इस्तेमाल से लोग आज अपनी बातों को पूरी विश्व में कहीं भी पहुंचा पाते हैं।

मेरा जन्म लोगों की मदद के लिए हुआ था।मैं दो लोगों को आपस में जोड़ने का काम करता हूं। बात अगर मेरे मालिक की जाए तो जिन्होंने मुझे जन्म दिया उनका नाम ग्राहम बेल था। मेरे अलावा उन्होंने मेरे कई परिवार वालों को भी बनाया। मेरे परिवार के सदस्य सभी अलग-अलग तरह के दिखाई देते हैं। लेकिन हम सब काम एक ही करते हैं। शुरुआत में मेरा आकार काफी बड़ा हुआ करता था। मुझे रखने के लिए एक अलग जगह चाहिए होती थी।

लेकिन समय के साथ साथ जैसे-जैसे मॉडर्न साइंस डिवेलप होता गया, मेरा आकार और सुविधाएं भी बदलती गई। पहले मैं काले रंग का एक डरावना सा टेलीफोन हुआ करता था। धीरे-धीरे मेरा रंग रूप बदलने लगा पहले में टेलीफोन की तारों पर चलता था धीरे-धीरे बिना तारों के चलने लगा। मेरा सफर भी काफी रोमांचक रहा है। मेरी शुरुआत एक छोटे से कमरे से हुई और आज मेरे इस दुनिया में कई सारे रूप है। पहले मेरा इस्तेमाल केवल बात करने के लिए किया जाता था। लेकिन आज मैं इतना बदल चुका हूं कि बात करने के अलावा कई सुविधाओं के लिए मेरा इस्तेमाल किया जाता है।

जैसे-जैसे में विज्ञान में बदलाव होते रहे वैसे वैसे में बदलता गया अब मैं आकार में इतना छोटा हो चुका हूं, कि एक 6 साल का बच्चा मुझे आसानी से अपने हाथों में ले सकता है। आकार में छोटा होने पर भी मुझ में कई सारी सुविधाएं आ चुकी हैं।अब मुझ में कैमरा, स्पीकर, गाने ,माइक इंटरनेट इत्यादि की सुविधा आ चुकी है। पहले मुझ में सिर्फ बात करने की सुविधा उपलब्ध थी अब मुझ में इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध है। इंसान चाहे तो मुझ में मौजूद इंटरनेट के माध्यम से विश्व के किसी भी स्थान पर मौजूद व्यक्ति से बात कर सकता है। जो भी इंसान मेरा मालिक बनता है मैं उसकी खूब सेवा करता हूं।

जब भी वह चाहता है मेरा इस्तेमाल बात करने के लिए कर सकता है फोटो खींचने के लिए कर सकता है,गीत संगीत सुनने के लिए कर सकता है,इसके अलावा मुझ में इंटरनेट भी संभाल कर सकता है। पहले मुझे दिन भर काम करने के लिए लगातार बिजली की आवश्यकता होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। मुझ में बैटरी लगा दी गई है,जिस पर मैं पूरा दिन काम कर सकता हूं। समय के साथ-साथ जैसे इंसानों की आबादी बढ़ती जा रही है।

उससे दोगुनी मेरी और मेरे परिवार के सदस्यों की आबादी बढ़ती जा रही है। आजकल मेरा इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जाता है एक ही इंसान दो दो टेलीफोन इस्तेमाल करता है। क्योंकि अब ना सिर्फ मेरा इस्तेमाल बात करने के लिए किया जाता है, बल्कि मैं मनोरंजन का भी एक अच्छा साधन बन चुका हूं। मनोरंजन के सारे साधन मुझ में मौजूद है शायद इसीलिए मुझे सभी इंसानों द्वारा इतना पसंद किया जाता है। हमें भी यही चाहता हूं कि मैं हमेशा इंसानों के करीब रहूं और उनके काम आता रहूं।

हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस “Telephone Ki Atmakatha in hindi” जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह Telephone Ki Atmakatha Nibhand in Hindi अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह Telephone ki atmakatha कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay या Speech कौन से टॉपिक पर चाहिए. इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.

वृक्षारोपण पर निबंध 

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

समाचार पत्र पर निबंध

सड़क सुरक्षा पर निबंध

JOIN TELEGRAM GROUP CLICK HERE
ESSAYDUNIYA HOME CLICK HERE

Sharing Is Caring:

Leave a Comment